भारतीय दूतावास — संपर्क, वीज़ा और कांसुलर सेवाएँ
क्या आप विदेश में वीज़ा, पासपोर्ट या किसी आपातकालीन मदद के लिए सही जानकारी ढूँढ रहे हैं? यहाँ मैंने सीधे और प्यारे अंदाज़ में बताया है कि भारतीय दूतावास क्या करता है, किन सेवाओं के लिए जाएँ और तुरंत क्या करना चाहिए। हर सुझाव व्यावहारिक है—ऐसा काम जो आप अभी कर सकें।
दूतावास क्या-क्या करता है (साफ़ बातें)
भारतीय दूतावास मुख्य तौर पर तीन काम करता है: भारतीय नागरिकों को कंसुलर मदद देना (पासपोर्ट, नवीनीकरण, नोटरी, शपथ-पत्र), वीज़ा और इमीग्रेशन से जुड़ी जानकारी देना, और एक्स्ट्रा आपातकाल—जैसे चोरी, गिरफ्तारी या अचानक देश वापसी—में मदद करना। याद रखें, दूतावास राजनीतिक मुद्दों का निपटान करता है और व्यक्तिगत कानूनी सलाह नहीं देता।
यदि आपका पासपोर्ट खो गया या चोरी हो गया है तो सबसे पहले लोकल पुलिस स्टेशन में एफआईआर कराएँ, उसकी कॉपी रखें और फिर दूतावास को सूचित करें। इमरजेंसी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के लिए दूतावास राह आसान करने में मदद करेगा, पर डॉक्यूमेंट सही और पूरा होना चाहिए।
आम कांसुलर प्रक्रियाएँ और जरूरी दस्तावेज
पासपोर्ट नवीनीकरण: पुराने पासपोर्ट की स्कैन कॉपी, नए फोटो, पहचान प्रमाण (आधार/ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो), और दूतावास पोर्टल पर भरा हुआ फॉर्म। processing समय देश के हिसाब से अलग होता है—आम तौर पर 7–30 कार्यदिवस।
वीज़ा और एटेस्टेशन: दस्तावेज़ पर मुहर के लिये अनिवार्य कागजात तैयार रखें—मूल प्रमाण पत्र, फोटो और एपॉइंटमेंट कन्फर्मेशन। कई देशों में प्रूफ पढ़ने पर 5–15 दिन लग सकते हैं।
OCI/नागरिकता संबंधी सेवाएँ: आवेदन भरने से पहले स्कैन की हुई मूल प्रमाण-पत्रों और पिछला पासपोर्ट साथ रखें। कुछ मामलों में लोकल रिकॉर्ड या जन्म प्रमाण-पत्र की आवश्यकता पड़ती है।
त्वरित टिप्स: अपनी पासपोर्ट और वीज़ा की स्कैन कॉपी क्लाउड पर सेव रखें; दूतावास वेबसाइट से अपॉइंटमेंट लें; लोकल नंबर और दूतावास इमरजेंसी हेल्पलाइन अपने फोन में सेव रखें। अगर पुलिस रिपोर्ट की जरूरत हो, तो अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में कॉपी साथ रखें।
आपातकाल के समय क्या करें: सबसे पहले सुरक्षित जगह पर जाएँ, लोकल पुलिस को सूचित करें, दूतावास से संपर्क करिए और अपने नज़दीकी रिश्तेदारों को जानकारी दीजिए। दूतावास फॉलो-अप और आवश्यक काउंसलिंग में मदद करेगा पर व्यक्तिगत कानूनी केस के लिए वकील की जरूरत होगी।
दूतावास और कांसुलेट में फर्क जानें: दूतावास आमतौर पर राजधानी में होता है और राजनयिक मामला देखता है; कांसुलेट बड़े शहरों में होते हैं और रोज़मर्रा की कांसुलर सेवाएँ देते हैं। जिस शहर में आप हैं, उसके मुताबिक सही कार्यालय से संपर्क करें।
अगर आप नया शहर/देश पहचान रहे हैं तो सबसे आसान तरीका है: Google पर "Indian Embassy + शहर का नाम" सर्च करें, आधिकारिक वेबसाइट खोलें और हेल्पलाइन नंबर वअपॉइंटमेंट पोर्टल नोट कर लें। बेहतर है कि हमेशा आधिकारिक साइट पर दिए फॉर्म और फीस ही इस्तेमाल करें।
कोई सवाल हो या आपातकालीन सलाह चाहिए — दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट सबसे भरोसेमंद शुरुआत है। इस पेज पर दी टिप्स से आप आम प्रक्रियाओं को तेज और सुरक्षित तरीके से पूरा कर पाएँगे।
मोब हिंसा के बीच किर्गिस्तान में भारत और पाकिस्तान ने छात्रों को घर में रहने की सलाह दी
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को निशाना बनाने वाली भीड़ की हिंसा के बाद भारतीय दूतावास और पाकिस्तान के मिशन ने छात्रों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है। हिंसा किर्गिज़ और मिस्र के छात्रों के बीच एक लड़ाई के बाद शुरू हुई, जिसे रिकॉर्ड किया गया था और 13 मई को वायरल हो गया था।