अंतिम संस्कार: जरूरी कदम और व्यावहारिक सलाह

जब किसी अपने का निधन होता है तो तुरंत करने के लिए काम पर आपका सिर भारी हो जाता है। इस लेख में मैंने आसान, सीधे और उपयोगी तरीके से बताने की कोशिश की है कि किस क्रम में क्या करना चाहिए — ताकि आप कम गलती करें और ज़रूरी काम समय पर निपट जाएँ।

तुरंत करने लायक कदम

सबसे पहले: अगर मौत घर पर हुई है तो डॉक्टर/एंबुलेंस और पुलिस को सूचित करें। अस्पताल में निधन हुआ है तो अस्पताल से मृत्यु प्रमाणपत्र लें। अप्राकृतिक या संदिग्ध मृत्यु में पोस्टमार्टम और पुलिस रिपोर्ट जरूरी होती है।

दूसरा: परिवार के सदस्यों और नज़दीकी दोस्तों को सूचित करें। किसी एक व्यक्ति को समन्वय का जिम्मा दें — सबको एक ही व्यक्ति से जानकारी मिलने पर काम आसान रहता है।

तीसरा: अंतिम संस्कार का विकल्प तय करें — दाह (cremation) या समाधि/दफ़न (burial), और धर्म या परिवार की इच्छा के अनुसार रीतियाँ तय करें। शहर में कब्रिस्तान या श्मशान घाट की बुकिंग जल्दी कर लें, खासकर त्योहार या मानसून में स्लॉट जल्दी भर जाते हैं।

चौथा: शव-परिवहन और संरक्षण — लंबी दूरी पर ले जाना है तो एम्बुलेन्स या मुखाबंधन/एंबलिंग की जानकारी रखें। बाहर भेजना है तो एयरलाइन्स की नियम और कागजात अलग होते हैं।

कानूनी कागजात व पोस्ट-कार्य

मृत्यु प्रमाणपत्र सबसे जरूरी दस्तावेज है — बैंक, पेंशन, बीमा और सरकारी दावों के लिए चाहिए। यदि पोस्टमार्टम हुआ है तो उसके प्रमाण-पत्र भी संभालें।

फौरी कामों में बैंक अकाउंट निष्क्रिय करने, पेंशन या सोशल बेनिफिट के दावे, बीमा क्लेम, मकान या संपत्ति के कागजात की जानकारी आवश्यक है। जरूरी दस्तावेजों की सूची बनाकर स्कैन करके सुरक्षित जगह रखें।

अंतिम संस्कार में मिलने वाले फूल, रस्मी खर्च और दफन/दाह की फीस का बजट पहले से तय करें — अचानक खर्च आने पर परिवार पर भार पड़ता है। स्थानीय श्मशान घाट या कब्रिस्तान से शुल्क और समय की पुष्टि कर लें।

छोटा चेकलिस्ट: मृत्यु प्रमाणपत्र, पहचान-पत्र, परिवार के सदस्य के संपर्क नंबर, श्मशान/कब्रिस्तान की बुकिंग, बजट, वाहन और यादगार (फोटो/संक्षिप्त बायो) तैयार रखें।

इको‑फ्रेंडली विकल्प: अब हर जगह पारम्परिक तरीके के अलावा इलेक्ट्रिक श्मशान, ग्रीन बरीअल और वृक्षारोपण स्मृति सेवाएँ मिलती हैं। खर्च और पर्यावरण के प्रभाव के हिसाब से चुन सकते हैं।

भावनात्मक सहारा: अंतिम संस्कार के बाद शोक सामान्य है। परिवार और दोस्तों से बात करें, जरूरत पड़े तो स्थानीय हेल्पलाइन या काउंसलर से संपर्क करें। छोटे-छोटे रूटीन, खाने और नींद का ध्यान रखें — यह समय में मदद करेगा।

अगर आप अंतिम संस्कार की व्यवस्था पहले से सोच रहे हैं तो प्रे-प्रप्लान करना सबसे अच्छा होता है — वसीयत, खर्च का अनुमान और पसंदीदा रीतियों का लिखित निर्देश रखने से बाद में मुश्किल कम होती है।

यह गाइड सीधे और काम आने वाले कदम बताती है। अगर आपको किसी स्थानीय नियम या कागजात की जानकारी चाहिए तो अपने नगर निगम, अस्पताल या धार्मिक संस्था से तुरंत संपर्क कर लें।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड का अंतिम संस्कार: खेल जगत में शोक की लहर 2 अगस्त 2024

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड का अंतिम संस्कार: खेल जगत में शोक की लहर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंशुमान गायकवाड का गुरुवार को वडोदरा में अंतिम संस्कार किया गया। उनका निधन रक्त कैंसर से हुआ था। खेल, राजनैतिक और अन्य क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति में उनके अंतिम संस्कार की रस्में सम्पन्न हुईं।