आत्महत्या: पहचान, मदद और रोकथाम
अगर आप या कोई आपके जानने वाला "अब और बर्दाश्त नहीं" जैसा सोच रहा है, तो यह संकेत है कि तुरंत मदद चाहिए। आत्महत्या एक समाधान नहीं है—पर अक्सर लोग अकेलेपन, हार या असहनीय दर्द के कारण ऐसा सोचते हैं। यहाँ सरल और उपयोगी तरीके दिए गए हैं जिन्हें आप तुरंत आजमा सकते हैं।
किस तरह तुरंत मदद करें
अगर स्थिति तुरंत खतरनाक लगे—किसी ने खुद को चोट पहुँचाई है या स्पष्ट रूप से खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा है—तो सबसे पहले इमरजेंसी नंबर 112 पर कॉल करें। तुरंत पेशेवर मदद लें।
कदम जो आप उठा सकते हैं: साथ रहें। जिस व्यक्ति को खतरा हो, उसे अकेला न छोड़ें। हिंसक या तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रियाओं पर शांत रहें और सीधे पूछें: "क्या तुम अपना जीवन खत्म करना चाहते हो?"—यह सीधा सवाल पूछना मदद करता है और जोखिम को समझने में आता है।
ध्यान दें कि चीज़ें हटाएँ जो तुरंत नुकसान पहुंचा सकती हैं—जैसे दवाइयां, तेज वस्तुएं, जहर, हथियार। वादा न करें कि आप पूरी बात गुप्त रखेंगे अगर सुरक्षा को खतरा हो—जरूरी होने पर परिवार या पेशेवरों को सूचित करना जरूरी है।
सनदी सहायता लें: नजदीकी अस्पताल, मनोचिकित्सक (psychiatrist), क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट या काउंसलर से संपर्क कराएँ। कई अस्पताल आपातकालीन मानसिक स्वास्थ्य सेवा देते हैं।
अगर आप खुद प्रभावित हैं — क्या करें
पहला कदम: किसी एक भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें—दोस्त, परिवार का सदस्य या सहकर्मी। बोलना आसान नहीं होता, पर दूसरे के सामने अपनी भावनाएँ शेयर करने से दबाव कम होता है।
छोटे कदम बनाएं: सतत योजनाएँ तुरंत न बनाएं—पहले 24-48 घंटे का प्लान बनाएं। अगर विचार ज़्यादा आ रहे हों, खुद को व्यस्त रखें—चलना, कोई काम, संगीत सुनना या किसी से बात करना। शराब और नशीले पदार्थ से बचें; वे सूझबूझ घटाते हैं।
सुरक्षा योजना बनाएं: जब आप शांत हों, अपने लिए एक लिस्ट तैयार करें—किसे कॉल करना है, कौन पास में है, कौन सी गतिविधियाँ आपको शांत करती हैं और किन हालातों में तुरंत मदद लेनी है। यह योजना मुश्किल समय में आपकी नींव बन सकती है।
कानून और सुविधा: भारत में आत्महत्या की कोशिश पर अपराध की धाराएँ अब मानवीय दृष्टिकोण से देखी जाती हैं और मरीज़ को मेडिकल व मनोवैज्ञानिक मदद मिलनी चाहिए। डर के कारण मदद लेने से बचना सही नहीं है—मदद उपलब्ध है और लेना आपकी हक है।
यदि आप और जानकारी चाहते हैं या लोकल सेवाओं की सूची चाहते हैं, तो अपने नजदीकी अस्पताल या मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। और याद रखें—मदद मांगना कमजोरी नहीं, साहस है। आप अकेले नहीं हैं।
मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने बांद्रा की इमारत से कूदकर की आत्महत्या
बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल मलाइका अरोड़ा के पिता अनिल अरोड़ा ने बांद्रा में स्थित आवासीय इमारत की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने परिवार के सदस्यों और अन्य सबूतों की जांच शुरू कर दी है। घटना की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है और कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।