बकरे: सरल गाइड — नस्ल, पालन और खरीद-बिक्री

क्या आप बकरी पालन शुरू करना चाहते हैं या नया बकरा खरीदने की सोच रहे हैं? ठीक है — यहाँ सीधे, फायदेमंद और व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। लंबे अनुभव या बड़े फार्म की जरूरत नहीं; सही जानकारी से आप छोटा निवेश कर के भी अच्छा मुनाफा बना सकते हैं।

बकरे की लोकप्रिय नस्लें

सबसे पहले नस्ल चुनना जरूरी है। दूध-केन्द्रित नस्लों में सानन और जमनपुरी अच्छी मानी जाती हैं। मांस के लिए बारबरी, बेरीन और टॉगन जैसी नस्लें बढ़िया रहती हैं। दिशानिर्देश: यदि आपका उद्देश्य दूध है तो उच्च दूध देने वाली माँ-नस्ल पर ध्यान दें; मांस के लिए तेज वज़न बढ़ाने वाली नस्ल लें।

स्थानीय क्रॉस-ब्रीड भी छोटे किसानों के लिए फायदेमंद होते हैं — स्थानीय जलवायु और चारे के अनुरूप वे जल्दी टिक जाते हैं और रखरखाव में सस्ते पड़ते हैं।

पालन के व्यवहारिक टिप्स

रख-रखाव आसान रखने के लिए चार बातें याद रखें: आवास, खुराक, स्वास्थ्य और प्रजनन। आवास ऐसा रखें कि बारिश और तेज धूप से बचा रहे, जमीन सूखी और साफ़ हो। छोटा शेड, बिछौना और अच्छी वेंटिलेशन पर्याप्त है।

खुराक में हरे चारे, ड्राय फीड और न्यूनतम पोषक तत्व देना जरूरी है। छोटे बछड़े को शुरुआत में उच्च प्रोटीन आहार दें ताकि वज़न अच्छा बढ़े। खुराक में हरी घास, ज्वार, चारा और कुछ गंदगी-मुक्त अनाज शामिल करें। पानी हमेशा ताजा और साफ होना चाहिए।

टीकाकरण और डिपरोग्रामिंग याद रखें — बीमारी से बचने के लिए नियमित टीकाकरण, दंत और पैर की जाँच जरूरी है। पैर फंगल और पाचन संबंधी छोटी बीमारियाँ आम हैं; समय पर दवा देने से बड़ी परेशानी नहीं होती। पशुचिकित्सक से छह माह में एक बार सलाह लें।

प्रजनन में ध्यान दें: स्वस्थ एश्वर्या (नर) चुनें, शरीर का आकार, दांत और जनन अंगों की जांच करें। अस्वस्थ नर देने से नस्ल कमजोर होगी। बछड़ा अच्छी मानी जाने वाली उम्र में माँ से अलग करें और उसकी देखभाल पर ध्यान दें।

बाजार और मुनाफा: बकरा खरीदते समय लोकल मांग देखें। त्योहारों के समय (जैसे बकरा ईद) कीमतें बढ़ जाती हैं; यदि आप व्यापारिक नजर रखते हैं तो त्योहार से पहले नर-बछड़े तैयार रखें। जीवित वजन, नस्ल और स्वास्थ्य के आधार पर कीमत तय होती है। छोटे किसान मंडी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी बिक्री कर सकते हैं।

खरीदने के टिप्स: उम्र, दाँत, आँखें, चलने की चाल और त्वचा की हालत जरूर देखें। तेज चाल और चमकदार आँख स्वस्थ संकेत हैं। खरीद के बाद 7-10 दिन के लिए अलग रखना अच्छा रहता है ताकि कोई छिपी बीमारी फैलने से रोकी जा सके।

छोटे बजट में शुरुआत: 5-10 बकरों से शुरू करें, स्थानीय नस्लों पर ध्यान दें और धीरे-धीरे सँवारे। लाभ के लिए सही खुराक और समय पर टीकाकरण ही सबसे बड़ा रिसोर्स है।

अगर आप चाहें तो हम आपको खरीद-बिक्री के सामान्य दरें, स्थानीय नस्लों की सूची या शुरुआती प्लान भेज सकते हैं — बस बताइए किस क्षेत्र में हैं और आपका मकसद क्या है: दूध, मांस या दोनों।

मुंबई के देओनार मंडी में ईद-उल-अजहा का जश्न: बकरों और भैसों की धूम 17 जून 2024

मुंबई के देओनार मंडी में ईद-उल-अजहा का जश्न: बकरों और भैसों की धूम

मुंबई के देओनार मंडी में ईद-उल-अजहा के अवसर पर उत्सव का माहौल है। इस बार मंडी में 1.47 लाख से अधिक बकरे और हजारों भैसे व्यापार के लिए आए हैं। बीएमसी ने भैसों के वध के लिए स्लॉट बुकिंग सुविधा का भी प्रावधान किया है, लेकिन केवल पांच लोगों ने इसका उपयोग किया है। आगामी तीन दिनों में 10,000 से अधिक भैसों के वध की संभावना है। पिछले साल इसी अवधि में 14,000 से 15,000 भैसों का वध हुआ था।