बिहार की खबरें: राजनीति, आपदा, कृषि और लोकजीवन के ताजा अपडेट

बिहार एक बिहार, भारत का एक ऐसा राज्य जहाँ राजनीति, सामाजिक आंदोलन और कृषि अर्थव्यवस्था एक साथ जुड़ी हुई है है, जहाँ हर छोटी-बड़ी घटना देश के लिए मायने रखती है। यहाँ के चुनाव, बाढ़, किसान आंदोलन और मतदाता सूची सुधार की खबरें सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अध्ययन का हिस्सा बन जाती हैं। बिहार की राजनीति का असर पूरे देश पर पड़ता है — जब यहाँ नए नेता उभरते हैं, तो दिल्ली के गवर्नमेंट की रणनीति बदल जाती है।

बिहार में मतदाता सूची, एक ऐसा डिजिटल रिकॉर्ड जिसमें हर वोट देने वाले का नाम दर्ज होता है का मुद्दा बार-बार सामने आता है। उत्तर प्रदेश में 50 लाख डुप्लिकेट नाम हटाए जाने की बात हो रही है, तो बिहार में भी ऐसे ही मामले दर्ज हैं — एक ही व्यक्ति के कई नाम, जिन्हें अलग-अलग वोटिंग बूथ पर दर्ज किया गया है। ये चुनावी धोखाधड़ी न सिर्फ लोकतंत्र को खतरे में डालती है, बल्कि गरीबों के वोट को भी चुरा लेती है। इसी तरह, आपदा, बिहार के लिए हर साल आने वाला एक भयावह चक्र, जिसमें बाढ़ और भूस्खलन लाखों जिंदगियों को छू जाते हैं है। दरजीली में ब्रिज ढहने से 20 लोग मर गए, तो बिहार के गाँवों में भी बाढ़ ने खेत, घर और भविष्य बर्बाद कर दिए। ये आपदाएँ किसानों के लिए सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि जीवन का अंत होती हैं।

बिहार के किसानों की कहानी भी दर्द भरी है। पीएम-किसान किस्त जारी करने की खबर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में आई, लेकिन बिहार के किसानों को भी ये पैसे जल्दी मिलने चाहिए। जब नेचुरल फार्मिंग समिट कोयम्बटूर में शुरू हुआ, तो बिहार के गाँवों में भी यही बात चल रही है — रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद, बारिश का इंतजार नहीं, बल्कि बारिश को बचाने की तकनीक। ये सब बिहार की जनता के लिए सिर्फ खबर नहीं, बल्कि जीवन बचाने का रास्ता है।

यहाँ आपको बिहार से आने वाली हर खबर मिलेगी — चाहे वो एक चुनावी झूठ हो, एक बाढ़ का नुकसान हो, या फिर एक किसान की आवाज़। ये खबरें सिर्फ ताज़ा नहीं, बल्कि आपके लिए जानकारी का एक जीवित स्रोत हैं।

बिहार सरकार ने 2026 के लिए जारी किया स्कूल छुट्टियों का कैलेंडर, 75 दिन तक बंद रहेंगे स्कूल 8 दिसंबर 2025

बिहार सरकार ने 2026 के लिए जारी किया स्कूल छुट्टियों का कैलेंडर, 75 दिन तक बंद रहेंगे स्कूल

बिहार शिक्षा विभाग ने 2026 के लिए सरकारी स्कूलों का छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है, जिसमें 75 दिन की छुट्टी शामिल है। दिवाली, गर्मियों की छुट्टी और धार्मिक त्योहारों को सम्मान देते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड ने अपनी विविधता को दर्शाया है।