दलित अधिकार: आपकी जानकारी और तुरंत कदम

अगर आपके साथ या आपके जानने वाले के साथ जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न या अछूत माना जाना हुआ है तो यह जानना जरूरी है कि कानून आपके साथ हैं। यहां सरल भाषा में बताएँगे कौन से अधिकार आपके पास हैं, कौन से कानून मदद करते हैं और आप तुरंत क्या कर सकते हैं।

कौन से कानून हैं और वे क्या करते हैं?

कुछ मुख्य कानून जिन्हें आप जानें और इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • अनुच्छेद 17 (संविधान) — अछूत प्रथा निषेधित है। कोई भी व्यक्ति अछूत नहीं कर सकता।
  • अनुच्छेद 15 और 46 — राज्य को जाति के आधार पर भेदभाव रोकने और सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए कदम उठाने हैं।
  • Protection of Civil Rights Act, 1955 — अछूत के मामलों में दंड का प्रावधान।
  • Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989 — उत्पीड़न, हिंसा, अपमान और संपत्ति के नुकसान जैसी घटनाओं पर सख्त सजा और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था।

ये कानून स्थानीय पुलिस, राजस्व अधिकारी और विशेष प्रावधानों के जरिए लागू होते हैं।

तुरंत कदम — जब आपके अधिकार भंग हों

कदम सरल रखें; भावनात्मक न हों—सबूत इकट्ठा करें और कार्रवाई शुरू कर दें:

  • सबूत संभालें: घटना की फोटो/वीडियो, गवाहों के नाम, तारीख और समय नोट करें।
  • FIR दर्ज कराएं: पुलिस में तुरंत FIR दर्ज करवाएं। SC/ST एक्ट का उल्लंघन स्पष्ट दिखे तो संबंधित धाराएँ लगाने को कहें। पुलिस में आनाकानी हो तो लिखित शिकायत लें या SDM/Collector कार्यालय में रिपोर्ट करें।
  • एमएलसी/मेडिकल रिपोर्ट लें: शारीरिक हिंसा हुई हो तो अस्पताल में MLC बनवाएं—यह कानून में मजबूत सबूत है।
  • कानूनी मदद लें: कम खर्च या नि:शुल्क कानूनी सहायता के लिए राज्य कानूनी सेवा अथॉरिटी या स्थानीय NGOs से संपर्क करें।
  • कमीशन/अधिकारी को सूचित करें: National Commission for Scheduled Castes (NCSC) और राज्य SC आयोग में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
  • साक्ष्य सुरक्षित रखें और सोशल मीडिया सावधानी से इस्तेमाल करें—प्रतिक्रिया तेज मिल सकती है पर सावधान रहें।

इसके अलावा सरकारी राहत योजनाओं और अनुदानों के लिए सुनिश्चित करें कि आपका जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और शिक्षा/रोज़गार से जुड़े दस्तावेज अपडेट हों। छात्रवृत्ति, आरक्षण और अन्य वेलफेयर योजनाओं का लाभ पाने के लिए ये जरूरी हैं।

अखिल कार्य: अपने इलाके के सामाजिक कार्यकर्ताओं और दलित संगठन से जुड़ें। स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, शिकायतों का रिकॉर्ड रखने और राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूत करने से लंबे समय में सुरक्षा बढ़ती है।

अगर आप अभी मदद चाहिए तो अपने नज़दीकी पब्लिक सर्विस कार्यालय, राज्य SC-वेलफेयर डिपार्टमेंट या कानूनी सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें। छोटे कदम—सबूत बचाना, FIR और मेडिकल रिपोर्ट—आपके केस को मजबूत बनाते हैं। अपने अधिकार जानें और उन्हें मांगने से न हिचकें।

प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा के संघर्ष और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण को याद करते छात्र और शिक्षक 14 अक्तूबर 2024

प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा के संघर्ष और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण को याद करते छात्र और शिक्षक

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों ने प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा को श्रद्धांजलि दी, जो एक प्रसिद्ध विद्वान और मानवाधिकार कार्यकर्ता थे। उन्हें 2014 में माओवादी लिंक के आरोप में गिरफ्तार किया गया और 2024 में अंततः बरी किया गया। इस सभा में उनके संघर्षों और समाज में उनके योगदान को याद किया गया।