दिल्ली जल संकट: अभी क्या चल रहा है और आपको किस चीज़ का ध्यान रखना चाहिए

दिल्ली में पानी की कमी हर साल गर्मियों में तेज़ हो जाती है। पानी का दबाव कम होना, टैंकर पर निर्भरता और नालों में रिसाव—इन सबका सीधा असर अपने नलों पर पड़ता है। क्या आप भी रोज़ टैंकर के इंतज़ार में हैं या सुबह-शाम पानी कटने से परेशान रहते हैं? यह लेख उसी तंगी के सरल, काम के और तुरंत अपनाने योग्य उपाय बताता है।

क्या वजहें हैं?

सबसे बड़ी वजहें जमीन के नीचे पानी का कम होना और मांग का बढ़ना हैं। गर्मियों में बागवानी, कार धोना और बढ़ा हुआ घरेलू उपयोग पानी की खपत और दबाव दोनों बढ़ा देता है। साथ में पुराना पाइप नेटवर्क और लीकेज पानी बर्बाद करता है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी की आपूर्ति असमान है—किसी को रोज़ मिलता है तो किसी को केवल सीमित घंटों में।

पानी की आपूर्ति पर मौसम का भी असर पड़ता है: बारिश कम होने पर टैंक और नहरें खाली रहती हैं। कभी-कभी सप्लाई शेड्यूल बदल जाता है और लोगों को समय पर सूचना नहीं मिलती, इसलिए असमंजस बढ़ता है।

आप अभी क्या कर सकते हैं?

छोटे कदम बड़ा फर्क करते हैं। नहाते समय बाल्टी-शावर का इस्तेमाल करें, नल बंद रखें जब ब्रश कर रहे हों, और रसोई में बचे पानी को पौधों में दें। टपकते नलों और पाइपों की मरम्मत जल्द कराएं—एक लीक रोज़ाना कई लीटर पानी बर्बाद कर सकती है।

रेनवॉटर हार्वेस्टिंग शुरू करना महंगा लग सकता है, लेकिन आप छोटे-स्तर पर बर्तन या छत पर टिन आदि से बारिश का पानी जमा कर सकते हैं और बागवानी के लिए उपयोग कर सकते हैं। सोलर/मैन्युअल पम्प से पानी भरने की व्यवस्था करें ताकि बिजली कटने पर भी टंकी खाली न रहे।

वॉटर-इंटेंसिव काम, जैसे कपड़े धोना या कार धोना, सुबह-शाम के शेड्यूल में करें जब पानी उपलब्ध हो। सामुदायिक स्तर पर मिलकर ब्लॉक्स में पानी बचाने के नियम बनाएं—गली के लोग मिलकर टैंकर साझा कर सकते हैं और गैरकानूनी सप्लाई रोकी जा सकती है।

शिकायत दर्ज कराना सीखें: Delhi Jal Board और स्थानीय निगम की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया चैनल अक्सर पानी की सूचनाएँ और शेड्यूल अपडेट करते हैं। टैंकर या सप्लाई से जुड़ी अनियमितता पर स्थानीय पार्षद या वार्ड ऑफिस से संपर्क करें।

अगर आप मकान मालिक या बिल्डिंग कमेटी के सदस्य हैं, तो टंकी फिल्टर, फ्लोट वाल्व और ऑटोमैटिक पंप शेड्यूल लगवाना फायदेमंद रहेगा। छोटे निवेश—जैसे कम दबाव वाले नल और वाटर-सेविंग फ्लश—लंबे समय में पानी और पैसे दोनों बचाते हैं।

दिल्ली का जल संकट रातों-रात हल नहीं होगा, लेकिन हर घर के छोटे कदम मिलकर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। क्या आप आज घर पर एक नल ठीक कर सकते हैं या एक बाल्टी पानी की बचत कर सकते हैं? छोटी आदतें ही पानी बचाने की शुरुआत हैं।

दिल्ली जल संकट: रिकॉर्ड तापमान के बीच उप्र और हरियाणा से जल की मांग 3 जून 2024

दिल्ली जल संकट: रिकॉर्ड तापमान के बीच उप्र और हरियाणा से जल की मांग

दिल्ली में रिकॉर्ड तापमान के कारण गंभीर जल संकट उत्पन्न हुआ है। यमुना नदी का जल स्तर 670.3 फीट तक गिर गया है, जो सामान्य स्तर से 4.2 फीट नीचे है। दिल्ली के जल मंत्री आतिशी ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से अतिरिक्त जल की मांग की है।