लू से कैसे बचें: तेज़, सरल और काम करने वाले तरीके

लू सिर्फ तपिश नहीं, यह तेज़ी से बिगड़ने वाली हालत है। भारत में गर्मी के महीनों में लू से हर साल लोग प्रभावित होते हैं। क्या आप जानते हैं कि सीधे धूप में 1-2 घंटे भी गंभीर समस्या कर सकते हैं? पढ़िए आसान, व्यावहारिक कदम जो आप अभी अपनाकर अपनी और परिवार की सुरक्षा बढ़ा सकते हैं।

लू के लक्षण और खतरे

लू के शुरुआती संकेतों में चक्कर आना, थकान, तेज पसीना, मुंह सूखना और सूखी त्वचा शामिल हैं। अगर हालत बिगड़े तो सिरदर्द, उल्टी, तेज़ ठंडेपन की कमी, भ्रम या बेहोशी हो सकती है — ये हीटस्ट्रोक के लक्षण हैं। हीटस्ट्रोक में शरीर का तापमान 40°C के ऊपर जा सकता है और यह जानलेवा हो सकता है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पुरानी बीमारियों वाले लोग ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

गर्मियों में तुरंत अपनाएं ये उपाय

घर से बाहर निकलना है तो सुबह 7 बजे से पहले या शाम को सूरज ढलने के बाद प्लान करें। मध्याह्न (11am–4pm) के बीच बाहर निकलने से बचें। हमेशा हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। टोप या छाता रखें और धूप में सीधे सिर न रखें।

हाइड्रेशन पर ध्यान दें: वयस्कों को दिन भर में लगभग 3-4 लीटर पानी की जरूरत हो सकती है, लेकिन पसीना ज्यादा हो तो और पीयें। बर्फ वाला पानी तुरंत राहत देता है, पर धीरे-धीरे पीना बेहतर होता है। बहुत ज़्यादा चाय, कॉफी या शराब से बचें — ये शरीर को ड्राय कर सकते हैं। अगर भारी पसीना हो रहा है तो सॉल्ट-इलेक्ट्रोलाइट्स वाली ड्रिंक या ORS लें।

घर को ठंडा रखें: रात में खिड़कियाँ खोलकर क्रॉस-वेंटिलेशन बनाएं। पंखा और AC का संयोजन करें—AC बहुत ठंडा सेट न करें, मध्यम तापमान पर रखें। ठंडी टॉवल या स्प्रे बॉटल रखें; चेहरे और गर्दन पर पानी छिड़कने से तुरंत राहत मिलती है।

काम-काज में बदलाव करें: बाहर काम करने वालों को ज्यादा ब्रेक लें। मेटल या भारी हथकाने वाले उपकरण उपयोग करने से बचें। किसान, बिल्डर, डिलीवरी वर्कर आदि अपनी शिफ्ट सुबह-शाम रखें।

बच्चों और बुजुर्गों की खास देखभाल करें: बच्चे तेज़ी से गर्मी से प्रभावित होते हैं—उन्हें हल्का खाना, बार-बार पानी और छाया दें। बुजुर्गों की दवाइयाँ और पानी का सेवन नियमित रखें। पालतू जानवरों को भी हवादार जगह और पानी दें।

जब अस्पताल जाएँ: अगर कोई बेहोश हो, उल्टी जारी रहे, तेज़ दिल की धड़कन, साँस लेने में कठिनाई, भ्रम या शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो तो तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ। प्राथमिक उपचार के रूप में व्यक्ति को ठंडी जगह पर लिटाएँ, पसीना पोंछें और ठंडे पानी से गीले कपड़े दें।

आख़िर में — मौसम अलर्ट और स्थानीय IMD की चेतावनियाँ देखें, अपने आसपास के लोगों को साझा करें और तेज़ गर्मी में छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाएं। यह छोटे कदम बड़ी समस्याओं से बचा सकते हैं।

राजस्थान में लू का प्रकोप, तापमान 47 डिग्री के पार; महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी 18 जून 2025

राजस्थान में लू का प्रकोप, तापमान 47 डिग्री के पार; महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी

राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तपिश चरम पर है, तो महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने एक ओर लू के गंभीर हालात की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।