महाराष्ट्र बारिश — ताज़ा हाल और जरूरी कदम

अगर आप महाराष्ट्र में हैं तो बारिश और उससे जुड़ी समस्याएँ सीधे आपकी रोज़मर्रा की जिंदगी पर असर डालती हैं। यहाँ छोटे-छोटे कदम बताए जा रहे हैं जिनसे आप खुद को, घर को और सफर को सुरक्षित रख सकते हैं। IMD के अलर्ट पर ध्यान रखें और लोकल प्रशासन की सूचनाएँ फॉलो करें।

शहर और इलाके: किस तरह का असर अपेक्षित है

कोकण और मुंबई में तेज़ बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम आम है। पहाड़ी इलाकों जैसे पश्चिमी घाट के आसपास निचले हिस्सों में लैंडस्लाइड का खतरा रहता है। पुणे और नगरों में ड्रेनेज साफ न होने पर पानी घरों और दुकानों में घुस सकता है। विदर्भ और मराठवाड़ा में कभी-कभी अनियमित बारिश से कृषि प्रभावित होती है — किसानों को खेतों की नाली-निक्षेप और बीज/फसल संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए।

बारिश का समय आमतौर पर जून से सितंबर तक रहता है, पर सड़क पर तेज़ पानी किसी भी बजे दिख सकता है। इसलिए बाहर निकलने से पहले ऑड-टाइम ट्रैफिक व नदी-स्तर रिपोर्ट चेक कर लें।

फौरी सुरक्षा और व्यवहारिक टिप्स

यातायात: पानी जमा सड़क पर वाहन चलाने से पहले गहराई जाँचें। यदि पानी दिखे तो रास्ता बदलें। दो पहियों पर सवारी कम करें; ब्रेक और टायर की स्थिति देखें। सार्वजनिक परिवहन का अपडेट लेने के लिए लोकल पुलिस और परिवहन विभाग की सूचनाएँ देखें।

बिजली और घर: भारी बारिश में बिजली कट सकती है। घर में लैम्प, पावर बैंक, फ़्लैशलाइट और जरूरी दवाइयाँ तैयार रखें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ऊंची जगह पर रखें और पावर सॉकेट पानी से दूर रखें। छत और नालियों की सफाई पहले कर लें ताकि पानी सही दिशा में निकले।

स्वास्थ्य: बरसात के बाद पानी जमा होने से डेंगू और जलजनित बीमारियाँ बढ़ती हैं। पीने के पानी को उबालें या बोतलबंद पानी इस्तेमाल करें। कटे-फटे जख्मों को साफ रखें और समय पर दवा लें।

किसानों के लिए: खेतों में निकासी के रास्ते बनाकर ज्यादा पानी रोकें। यदि फसल जलमग्न हो रही है तो स्थानीय कृषि कार्यालय से बीज/मालभत्ता और नुकसान मुआवज़े की जानकारी लें। फसल बीमा कवर होने पर क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।

आपदा के समय क्या करें: स्थानीय आपदा प्रबंधन के निर्देश मानें। यदि जलस्तर बढ़ रहा हो तो सुरक्षित ऊँची जगह पर चले जाएँ। आपातकालीन किट में पानी, सूखी खाने की चीज़ें, प्राथमिक उपचार किट, दस्तावेजों की कॉपी और मोबाइल चार्जर रखें।

अपडेट कैसे पाएं: IMD की वेबसाइट/ऐप, स्थानीय समाचार, जिले की आपदा प्रबंधन टीम और नगर निगम की सूचनाओं को नियमित देखें। मौसम चेतावनी मिलने पर यात्रा टालें या रद्द करें।

बारिश से जुड़े ख़तरे हर साल थोड़े अलग दिखते हैं, पर तैयार रहने से नुकसान कम किया जा सकता है। अपने आस-पास के लोगों को जानकारी बाँटें और जरूरत पड़ने पर लोकल हेल्पलाइन से संपर्क करें। सुरक्षित रहें और ताज़ा अलर्ट्स पर ध्यान रखते रहें।

राजस्थान में लू का प्रकोप, तापमान 47 डिग्री के पार; महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी 18 जून 2025

राजस्थान में लू का प्रकोप, तापमान 47 डिग्री के पार; महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी

राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तपिश चरम पर है, तो महाराष्ट्र और गोवा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने एक ओर लू के गंभीर हालात की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।