पीएम-किसान: किसानों के लिए सरकारी सहायता और इसका प्रभाव

पीएम-किसान एक पीएम-किसान, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक सीधी लाभ अनुदान योजना है जो छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। यह योजना केवल पैसा देने तक सीमित नहीं है—यह किसानों को बाजार के दबाव से बचाने, बीज और खाद खरीदने की क्षमता बढ़ाने और घरेलू खर्च पूरा करने में मदद करती है। इसका मकसद यह है कि जिन किसानों की आय अक्सर मौसम और कीमतों पर निर्भर करती है, उन्हें एक नियमित आय का सुरक्षित आधार मिले।

इस योजना के साथ जुड़े कई अन्य तत्व हैं। किसान सहायता, कृषि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का एक व्यापक श्रेणी है जिसमें पीएम-किसान, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं। इन सबका उद्देश्य एक ही है—किसान को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। कृषि योजना, किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई विभिन्न सरकारी पहलों का समूह है। जब आप देखते हैं कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में डुप्लिकेट नाम हटाए जा रहे हैं, तो यह बताता है कि इन योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए प्रशासनिक सुधार भी जरूरी हैं।

पीएम-किसान के तहत दी जाने वाली राशि किसानों के लिए एक जीवनरक्षक बन गई है। जब बारिश नहीं होती, तो यह पैसा बच्चों के स्कूल के खर्च और दवाइयों के लिए काम आता है। जब फसल खराब हो जाती है, तो यह एक आर्थिक बफर का काम करता है। यह योजना केवल एक ट्रांसफर नहीं, बल्कि एक विश्वास का प्रतीक है—कि सरकार किसान को अपना आधार मानती है। इस योजना के साथ जुड़े कई आंकड़े, आलोचनाएँ और सफलताएँ हैं, जिन्हें आप नीचे दिए गए लेखों में विस्तार से पा सकते हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर, 2025 को पुत्तपर्थी में श्री सत्य साई बाबा की जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया और कोयम्बटूर में नेचुरल फार्मिंग समिट का उद्घाटन करते हुए ₹18,000 करोड़ का पीएम-किसान किस्त जारी किया।