शिक्षा कैलेंडर: भारत में शिक्षा के महत्वपूर्ण दिन और घटनाएँ

जब बात आती है शिक्षा कैलेंडर, एक ऐसा समय-आधारित निर्देशिका जो शिक्षा संस्थानों, सरकारी योजनाओं और छात्रों के लिए अहम तिथियों को व्यवस्थित करती है. यह केवल छुट्टियों की सूची नहीं, बल्कि परीक्षाओं, नीति घोषणाओं और शिक्षा अभियानों का रिकॉर्ड है. भारत में हर साल लाखों छात्र इसी कैलेंडर के हिसाब से अपनी दिनचर्या बनाते हैं — चाहे वो बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, या फिर यूनिवर्सिटी एडमिशन के लिए इंतजार कर रहे हों।

शिक्षा कैलेंडर के अंदर छिपे हैं ऐसे दिन जो बस एक तारीख नहीं, बल्कि एक बदलाव की शुरुआत होते हैं। जैसे जुलाई में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में मनाया जाने वाला दिन, जब शिक्षकों की भूमिका को सम्मानित किया जाता है, या फिर नवंबर में शिक्षा सप्ताह, एक ऐसा अवसर जब राज्य सरकारें नई शिक्षा नीतियों का ऐलान करती हैं और डिजिटल शिक्षा के लिए नए प्लेटफॉर्म लॉन्च करती हैं. ये तिथियाँ किसी अधिसूचना से ज्यादा हैं — ये उस वक्त का निशान हैं जब देश का भविष्य बनता है।

आज के दौर में शिक्षा कैलेंडर सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं। ये अब यूपीएससी, एनटीए, एमपीएससी, और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी बेस है। जब भी कोई नई शिक्षा योजना शुरू होती है — चाहे वो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी हो या फिर डिजिटल लर्निंग का नया चरण — उसका शुभारंभ इसी कैलेंडर पर दर्ज होता है। इसलिए ये तिथियाँ किसी छात्र के लिए बस एक डेडलाइन नहीं, बल्कि उसके भविष्य की राह बनाने का एक प्लान हैं।

इस पेज पर आपको ऐसी ही ताज़ा और विश्वसनीय जानकारी मिलेगी — जहाँ आपको बताया जाएगा कि अगले महीने कौन सी परीक्षा है, किस दिन नई शिक्षा नीति का अनुमोदन हो सकता है, और किन राज्यों में नए शिक्षा कैलेंडर की घोषणा हुई है। ये सभी खबरें वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं, जो आपके दिन को बदल सकती हैं।

बिहार सरकार ने 2026 के लिए जारी किया स्कूल छुट्टियों का कैलेंडर, 75 दिन तक बंद रहेंगे स्कूल 8 दिसंबर 2025

बिहार सरकार ने 2026 के लिए जारी किया स्कूल छुट्टियों का कैलेंडर, 75 दिन तक बंद रहेंगे स्कूल

बिहार शिक्षा विभाग ने 2026 के लिए सरकारी स्कूलों का छुट्टियों का कैलेंडर जारी किया है, जिसमें 75 दिन की छुट्टी शामिल है। दिवाली, गर्मियों की छुट्टी और धार्मिक त्योहारों को सम्मान देते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड ने अपनी विविधता को दर्शाया है।